Department of Rajnandgaon Agricultural Rajnandgaon Soil Testing Rajnandgaon Agricultural Technology Managment Agency (ATMA) Rajnandgaon Agricultural

मृदा परीक्षण

कृषि में पोषक तत्वों का सन्तुलित उपयोग एवं प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कारक है, मृदा परीक्षण परिणाम के आधार पर आवश्यक तत्वों के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।..

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महत्वपूर्ण रिपोर्ट

  • अपरीक्षित ग्राम
  • वर्तमान परीक्षित आँकडे
  • ग्राम की सूंची(50 से कम नमूने वाले)
  • ग्राम की सूंची(100 से कम नमूने वाले)
  • ग्राम की सूंची(Ph - अम्लीय)
  • ग्राम की सूंची(Ph - छारीय)
  • निम्न नाइट्रोजन ग्राम
  • निम्न पोटास ग्राम
  • निम्न फ़ॉस्फोरस ग्राम
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Soil Chart

  • ग्राम चार्ट
  • पंचायत चार्ट
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Soil Health Card

कृषि में पोषक तत्वों का सन्तुलित उपयोग एवं प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कारक है, मृदा परीक्षण परिणाम के आधार पर आवश्यक तत्वों के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।..

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Soil Map

  • ग्राम मैप
  • पंचायत मैप
  • विकासखंड मैप
  • पुर्ण विकासखंड मैप
  • जिला मैप
  • पुर्ण जिला मैप
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Department Of Agriculture

  • कृषि सांख्यिकीय
  • संचालित योजनायें
  • योजनाओं की प्रगति
  • हितग्राहियों की सूचि
  • दूरभाष / टेलीफोन डायरेक्टरी
  • संगठन चार्ट
  • ग्रा. कृ. वि. अ. मुख्यालय
  • पंजीकृत डीलर/पंजीकृत विक्रेता
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ATMA Portal

  • किसान संगवारी
  • ATMA समिति योजना
  • किसान हित समूह (FIG)
  • किसान पुरस्कार /पुरस्कार वितरण
  • प्रगति रिपोर्ट
  • शासी निकाय की संरचना
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Farmer Portal

छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र का 43% क्षेत्र की खेती के तहत आता है. जलवायु और स्थलाकृति के आधार पर राज्य के 3 कृषि जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है. बस्तर पठार बस्तर, दंतेवाड़ा, Beejapur और नारायणपुर जिलों और कांकेर (Charama Narharpur, कांकेर और ब्लाकों को छोड़कर) का एक हिस्सा शामिल है...

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Dr. Raman Singh

Chief Minister Chhattisgarh

Sh. Ashok Kumar Agrawal (IAS)

Collector Rajnandgaon (Chhattisgarh)

Smt Gopika Gabel

Deputy Director Of Agriculture (Rajnandgaon)

कृषि में पोषक तत्वों का सन्तुलित उपयोग एवं प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कारक है, मृदा परीक्षण परिणाम के आधार पर आवश्यक तत्वों के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। प्राय: यह देखा गया है कि कृषकों द्वारा मृदा परीक्षण नहीं कराते हुए अनाश्यक रूप से अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग किया जा रहा है। जिसके दुष्परिणाम हमारे समक्ष आने लगे हैं। किसी भी पोषक तत्व का कम या अधिक मात्रा में उपयोग दोनो ही दशा उत्पादन के लिए प्रतिकूल होती है। एक ओर उर्वरकों के कम मात्रा में उपयोग से उत्पादन प्रभावित होता है, दूसरी ओर अधिक मात्रा में उर्वरक उपयोग भूमि की दशा एवं पर्यावरण के लिए नुकसान दायक होने के साथ ही कृषि कास्त लागत मे भी वृद्धि कराता है।

इस साफ्टवेयर के माध्यम से मृदा परीक्षण के पुराने सभी विश्लेषण परिणामों को संजाते हुए ग्राम, ग्राम पंचायत, विकासखण्डवार तथा जिले के भूमि उर्वरता का मानचित्र तैयार किया गया है, इसमें आंकड़े प्रस्तुतीकरण की तीनों विधिया जैसे चार्ट, ग्राफ एवं नक्शे आदि का उपयोग किया गया है।

वर्षवार नमूने परीक्षण के आधार पर गांवों की भूमि उर्वरता में होने वाले परिर्वतन को आसानी से समझा जा सकता है एवं गांव की भूमि उर्वरता एवं पी.एच. के आधार पर कार्य योजना तैयार कर मृदा स्वास्थ्य सुधार संबंधी कार्ययोजना तैयार कर उर्वरक प्रकार एवं मात्रा का निर्धारण करते हुए संतुलित पोषक तत्व को बढ़ावा देते हुए टिकाऊ खेती की ओर अग्रसर हो सकते है, साथ ही जिन क्षेत्रों में मृदा नमूने का परीक्षण नहीं हुए है, मृदा उर्वरता मानचित्र के माध्यम से ऐसे स्थानों को चिन्हाकिंत कर आगामी वर्ष की कार्ययोजना तैयार कर उन क्षेत्रों का मिटटी परीक्षण किया जा सकता है।

इस उर्वरता मानचित्र साफ्टवेयर के माध्यम से पोषक तत्व उपलब्धता के समस्याग्रस्त क्षेत्रों के अनुरूप फसल चयन एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार के कार्य किये जा सकेंगे । इस साफ्टवेयर में राज्य बनने के पश्चात, राजनांदगांव जिले में 76000 विश्लेषित नमूने के रिपोर्ट के आधार पर उक्त उर्वरता मानचित्र तैयार किया गया है। इस मानचित्र के माध्यम से पूर्व में किये गये मिटटी परीक्षण के आंकड़े भी उपलब्ध रहेंगे, साथ ही जो किसान मिटटी परीक्षण नहीं करवाये है एवं उर्वरकों का उपयोग करना चाहते है, अपने गांव की भूमि मे उपलब्ध पोषक तत्वों के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने में यह साफ्टवेयर सहायक सिद्ध होगा।

उप संचालक कृषि
राजनांदगांव